भारत सरकार ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फेज-III मेडिकल एक्सपेंशन स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके तहत देशभर में 10,023 से अधिक नई MBBS और PG सीटें जोड़ी जाएंगी। इसमे 5000 PG and 5023 MBBS seats पुरे देशके लीए है। Bharat के लिए यह एक खुसी की बात है। यह योजनानुसार hospital मे ङकटर की आवश्यकता तो पुरा होगी ही होगी, goverment hospital मे नइ स्पेशीआलीष्ट ङकटर ञुडेगें। भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सरकार की यह फैसल मे गांव मे कुछ सुधार आ सकता हे । जो गांव मे डॉक्टर की कमी हे तो ऐसे स्थानोंमे कुछ डेवेलपमेंट कीया जा सकताहै।

🔹 कितनी आर्थिक खर्च करना पङेगा?
यह योजनाके तहत सरकारको कुछ बङे आर्थिक राशि खर्च करना पङेगा ताकी यह योजनाका सुफल सबको मील पाए। देशको उन्नत डॉक्टर एबं मेडिकल फैसीलीट देने के लिए यह स्किमका टोटल खर्च 15034.50 crores. इसमे सेन्ट्रल govt का कुछ हीसा तो हे ही स्टेट hovt का कुछ हीसा भी रहेगा। सेन्टर का सेयर 10303.20 crore होगी ओर स्टेट का सेयर 4731.30 crore रहेगा। भारत मे मेडिकल शिक्षाका विस्तार अवश्य होना चाहिए
🔹 क्यों जरूरी था यह विस्तार?
भारत जैसे बड़े देश में डॉक्टर–पेशेंट अनुपात (Doctor–Patient Ratio) हमेशा से चुनौती रहा है। अभी भी ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में योग्य डॉक्टरों की कमी महसूस की जाती है। नई सीटें खुलने से युवाओं को ज्यादा अवसर मिलेंगे और देश को अधिक योग्य डॉक्टर मिल सकेंगे।

🔹 क्या होंगे मुख्य फायदे?
10,000 से ज्यादा नई सीटें – MBBS और PG दोनों स्तरों पर।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार– अधिक डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
• युवाओं को नए अवसर– मेडिकल शिक्षा पाने का बड़ा मौका।
• स्वास्थ्य व्यवस्था में मजबूती – देश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
🔹 सरकार की योजना
सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में भारत मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और डॉक्टर–पेशेंट अनुपात WHO की गाइडलाइन के अनुरूप लाया जा सके। इस कदम से न केवल युवाओं को फायदा होगा बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत होग
निष्कर्ष
मेडिकल शिक्षा का यह विस्तार छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है। जो छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, उनके लिए अब और ज्यादा सीटें उपलब्ध होंगी। यह कदम न केवल युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा बल्कि भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। भारत को प्रगतिशील बनाने के लिए सरकार का यह एक नया पदक्षेप है। ताकी सबको स्वास्थ्य सेवा मील सके।